बिलासपुर: RSS के शताब्दी वर्ष पर बड़ा संदेश, वरिष्ठ प्रचारक लाल बिहारी सिंह करेंगे देहदान
बिलासपुर। समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक श्री लाल बिहारी सिंह ने अपना शरीर मृत्यु पश्चात चिकित्सा शोध और शिक्षा के लिए दान करने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम जूना बिलासपुर स्थित ‘कालकर कुंज’ संघ कार्यालय (मनोहर टॉकीज हनुमान मंदिर के पास) में ‘देहदान संकल्प दिवस’ के रूप में संपन्न हुआ।
प्रेरणा और पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें स्थापना वर्ष (शताब्दी वर्ष) के उपलक्ष्य में समाज को एक सार्थक संदेश देने के लिए मूलतः जशपुर जिले के ग्राम टुकुटोली निवासी श्री लाल बिहारी सिंह ने यह कदम उठाया है। उन्होंने 3 सितंबर 1984 को इसी कालकर कुंज कार्यालय से अपने प्रचारक जीवन की शुरुआत की थी। संकल्प पत्र भरने की प्रक्रिया ‘माँ भारती’ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई।
क्यों आवश्यक है देहदान? (विशेषज्ञ मत)
कार्यक्रम में सिम्स मेडिकल कॉलेज, बिलासपुर के डॉ. निलेश महोबिया (शासकीय चिकित्सा विभाग) ने देहदान के व्यावहारिक महत्व को समझाया। उन्होंने कहा:एनाटॉमी (शरीर रचना विज्ञान) का सही ज्ञान केवल मानव देह के प्रत्यक्ष अध्ययन से संभव है, इसे स्क्रीन या कंप्यूटर पर नहीं सीखा जा सकता। देहदान से ही योग्य चिकित्सक तैयार होते हैं और भविष्य की जटिल बीमारियों पर शोध संभव हो पाता है।
त्याग की पौराणिक और आधुनिक परंपरा
कार्यक्रम के दौरान श्री पुरुषोत्तम पिपरिया ने लाल बिहारी सिंह जी के कठिन प्रचारक जीवन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए बताया कि ऋषि दधीचि ने विश्व कल्याण के लिए अपनी अस्थियों का दान किया था, जिससे इंद्र का ‘वज्र’, शिव का ‘पिनाक’, विष्णु का ‘सारंग’ और अर्जुन का ‘गांडीव’ जैसे अस्त्र बने, जिन्होंने समाज से राक्षसी प्रवृत्तियों का अंत किया।
लाल बिहारी सिंह जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “नदियाँ दूसरों के लिए बहती हैं, वृक्ष दूसरों को छाया और फल देते हैं, गौ माता दूसरों को दूध पिलाती है; अतः हमारा जीवन भी हर अवस्था में समाज के लिए ही होना चाहिए। यही समर्पण भावना देहदान है।”
इस पुनीत कार्य में प्रशासन, चिकित्सा और सामाजिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए जिसमें सह प्रांत प्रचारक श्री नारायण नामदेव जी ने कहा कि प्रचारक का जीवन राष्ट्र सेवा की जीवंत मिसाल है।
- विहिप सेवा प्रमुख मनीष मोटवानी ने इस प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन में भूमिका निभाई। जिला सेवा प्रमुख नीरज जगवासी ने समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया। नंदकिशोर शुक्ला जी (पूर्व प्रचारक) ने बताया कि उन्होंने भी 10 वर्ष पूर्व रायपुर मेडिकल कॉलेज में देहदान की घोषणा की थी।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य:
विवेक पंजवानी (जिला सह सेवा प्रमुख), गणपति रायल (प्रांतीय अधिकारी), राजीव शर्मा (विभाग मंत्री), डॉ. संजय, संदीप गुप्ता (प्रांत सह कोषाध्यक्ष), लोकेश जी, नीलकंठ जी, देवेन्द्र पाठक (भा.ज.पा. अध्यक्ष मध्य मंडल), लक्ष्मीकांत निर्णयक, माहवीर सिंह सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
