बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध रूप से अफीम की खेती की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। भू-अभिलेख द्वारा प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को एक औपचारिक पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी कलेक्टरों को अपने जिलों के संदिग्ध इलाकों का सर्वे कराने को कहा गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं भी अफीम की अवैध खेती नहीं हो रही है।
जिला प्रशासन को न केवल जांच करनी होगी, बल्कि इस संबंध में एक प्रमाण पत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट भी शासन को सौंपनी होगी। आयुक्त कार्यालय ने इस पूरी कार्यवाही के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की है।