Bilaspur ki Bhadas

लाखासार बनेगा मॉडल गौठान: इस हफ्ते में मुख्यमंत्री कर सकते है योजना का शुभारंभ

बिलासपुर। प्रदेश की महत्वाकांक्षी ‘गौठान योजना’ के औपचारिक शुभारंभ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी सिलसिले में कलेक्टर ने आज ग्राम पंचायत लाखासार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और योजना के भव्य शुभारंभ के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करना था। कलेक्टर ने गौठान परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।


कलेक्टर ने पशुओं के लिए शेड, चारे की उपलब्धता (चारागाह), पीने के पानी के स्रोत और परिसर की फेंसिंग (बाड़) का जायजा लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्देश दिए कि पशुओं के रखरखाव में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि गौठान केवल पशु आश्रय स्थल नहीं होंगे, बल्कि इन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) निर्माण को गति देने और महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को अल्टीमेटम: मौके पर मौजूद पंचायत, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि सभी लंबित निर्माण और तकनीकी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करें।

क्यों खास है लाखासार?

लाखासार ग्राम पंचायत को एक ‘मॉडल गौठान’ के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहाँ की सफलता के आधार पर ही प्रदेश की अन्य पंचायतों में इस ब्लूप्रिंट को लागू किया जाएगा। योजना का दोहरा लक्ष्य है ! सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन से रसायनों के प्रयोग को कम करना और किसानों की आय बढ़ाना ! 

“गौठान योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। लाखासार में की जा रही तैयारियाँ अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेंगी।”

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