Bilaspur ki Bhadas

प्रतिष्ठित व्यावसायिक रवि मोटवानी के खिलाफ रची गई साजिश हुई बेनकाब, शिकायतकर्ता ने मांगी माफी

सरगांव- कृषि भूमि से जुड़े एक कथित चर्चित प्रकरण में अब स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। DRS Farm के पार्टनर और शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी रवि मोटवानी का इस मामले से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। ग्राम दरुवनकापा निवासी अरुण कुमार चेलकर ने थाना सरगांव में दी गई अपनी पूर्व शिकायत वापस ले ली है।शिकायतकर्ता अरुण कुमार चेलकर ने 13 मार्च 2026 को नोटरी के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि कृष्णा नाथानी, रवि मोटवानी और सचिन परवानी का इस भूमि प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह कुछ लोगों द्वारा भ्रमित हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने शिकायत में इन नामों का उल्लेख किया था। वास्तविक जानकारी सामने आने पर उन्होंने न केवल शिकायत वापस ली, बल्कि पुलिस प्रशासन और IG कार्यालय में भी आवेदन देकर पूरे मामले की सही जानकारी प्रस्तुत की।क्या था भ्रम का कारण?शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में भूमि दलाल छगन वर्मा से जुड़े मामले में दस्तावेज तैयार करते समय कुछ नाम गवाह के रूप में शामिल थे, जिनमें “DRS Farm पार्टनर रवि मोटवानी” का उल्लेख होने से भ्रम की स्थिति बन गई थी। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि रवि मोटवानी का इस मामले से कोई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध नहीं था।पहले की खबर से बना था भ्रम12 मार्च 2026 को प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस मामले को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। अब शपथपत्र और शिकायत वापसी के बाद सच्चाई सामने आ गई है और रवि मोटवानी पर लगे सभी आरोप पूरी तरह निराधार साबित हुए हैं।

DRS Highstreet:

शहर के विकास की दिशा में बड़ा कदमउल्लेखनीय है कि शहर में निर्माणाधीन प्रतिष्ठित DRS Highstreet मॉल के डायरेक्टर रवि मोटवानी हैं। यह प्रोजेक्ट शहर को आधुनिक कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है। प्रोजेक्ट को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर डिजाइन के साथ विकसित किया जा रहा है।रवि मोटवानी ने भड़ास से बातचीत में बताया कि “मेरा और DRS Farm का इस पूरे प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। ड्राफ्ट डीड में नाम आने के कारण भ्रम की स्थिति बनी थी, लेकिन अब शपथपत्र के बाद सच्चाई सामने आ चुकी है। मुझे प्रशासन और कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। हम हमेशा पारदर्शिता और नियमों के तहत काम करते आए हैं। कुछ लोगों द्वारा भ्रमित कर इस तरह किया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोगों द्वारा यह व्यव्हार स्वरूप किया या करवाया गया हो। अब स्थिति स्पष्ट हो चुकी है और मुझे कानून व्यवस्था पर पूर्ण भरोसा है, जो अब आपके सामने है।”

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