बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र (Government Poultry Farm) से भेजे गए नमूनों में H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) की रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके में मुर्गियों को मारने (कलिंग) और संक्रमण रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन्फेक्टेड ज़ोन घोषित: – फार्म के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘इन्फेक्टेड ज़ोन’ घोषित किया गया है, जहाँ मौजूद सभी पक्षियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा।
संक्रमण केंद्र से 1 से 10 किलोमीटर के दायरे को ‘सर्विलांस ज़ोन’ माना गया है। इस दायरे में पक्षियों और अंडों की बिक्री व आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मुआवजे का प्रावधान:- केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नई दरों के अनुसार प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा दिया जाएगा। (जैसे: ब्रायलर वयस्क के लिए ₹120, लेयर वयस्क के लिए ₹140 और कड़कनाथ/बैकयार्ड पक्षियों के लिए ₹150 प्रति पक्षी)
RRT का गठन: – रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) तैनात की गई है। टीम के सदस्यों को संक्रमण से बचाने के लिए एंटी-वायरल दवा ‘ओसेल्टामिविर’ (Oseltamivir) दी जा रही है।
बाजारों पर पाबंदी:-
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन्फेक्टेड ज़ोन से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली चिकन और अंडों की दुकानों को तुरंत बंद कराया जाए। संक्रमण रोकने के लिए वाहनों और फार्मों के सैनिटाइजेशन का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। वही जिले सहित आस पास के मुर्गी विक्रेताओं में मंदी की मार का डर सताने लगा है