तखतपुर। तखतपुर में राजनीति का एक अनोखा रंग देखने को मिला। नगर पालिका में कांग्रेस का राज है, अध्यक्ष भी अपने हैं, फिर भी कांग्रेस कमेटी को सड़कों की अव्यवस्था के लिए ‘ज्ञापन’ सौंपना पड़ रहा है। यह तो वही बात हुई कि अपने ही घर के किचन में जाकर मां को लेटर देना कि ‘खाना अच्छा नहीं बना है! नगर पालिका सीएमओ को ज्ञापन देते इस तस्वीर को देखकर जनता पूछ रही है—भैया नगर में सरकार आपकी है, सिस्टम आपका है, फिर ये ज्ञापन किसको दिखा रहे है ?
तखतपुर के सब्जी बाजार में आए दिन जाम लगा रहता है, जनता परेशान है, लेकिन समाधान निकालने के बजाय कांग्रेस के दिग्गज हाथ में कागज थामे फोटो खिंचवा रहे हैं। खास बात ये है कि ज्ञापन उन्हें ही दिया जा रहा है जिनके कामकाज की जिम्मेदारी खुद कांग्रेस की है। शायद इसे ही कहते हैं ‘सेल्फ-अटैस्टेड राजनीति’ अपनी ही नाकामी को ज्ञापन का जामा पहनाकर नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने साबित कर दिया है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाने के इतने शौकीन हैं कि सत्ता में रहकर भी खुद के खिलाफ प्रदर्शन करना नहीं भूलते

तखतपुर की ‘उलटी गंगा’: अपनी ही सत्ता, अपनी ही समस्या और अपना ही ज्ञापन :-
यह नजारा देख कर अगर आपको लगता है कि ज्ञापन सिर्फ विपक्ष देता है, तो आप गलत हैं तखतपुर में कांग्रेस ने नया ट्रेंड सेट किया है। नगर पालिका अध्यक्ष कांग्रेस का, पार्षद कांग्रेस के, लेकिन सड़कों पर बदहाली ऐसी कि अपनी ही पार्टी के नेताओं को सीएमओ तहसीलदार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यह जनता को यह बताने की कोशिश है कि “हम काम तो नहीं कर पा रहे, पर देखिए हमने लेटर लिख दिया है।” अब इसे कमजोरी कहें या ‘फोटोशूट’ का प्रेम !!