बिलासपुर। शहर की रफ्तार अपनी सामान्य धुन में थी, लेकिन परदे के पीछे एक ऐसी हलचल चल रही थी जिसने २४ घंटे बाद सबको हैरान कर दिया। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की पत्नी अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और सानिया चांडोक मंगलवार तड़के बिलासपुर पहुँचीं। इस पूरे दौरे को इतना गोपनीय रखा गया कि शहर को इसकी भनक तब लगी जब वे प्रस्थान की तैयारी में थीं।

मंगलवार सुबह करीब ५:३० बजे इस वीआईपी काफिले ने शहर में प्रवेश किया। तीनों मेहमान सीधे मंगला चौक स्थित होटल कोर्टयार्ड मैरियट पहुँचे। होटल में सुरक्षा तो पुख्ता थी, लेकिन प्रोफाइल को इतना ‘लो’ रखा गया कि आम लोगों को किसी बड़े नाम की मौजूदगी का अहसास तक नहीं हुआ।दोपहर के वक्त यह काफिला अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुँचा। यहाँ की तस्वीरें किसी बड़े सेलिब्रिटी दौरे जैसी नहीं, बल्कि बेहद आत्मीय थीं।

चकाचौंध से दूर तीनों ने गांव की गलियों में पैदल सफर किया। स्थानीय लोगों से उनकी जीवनशैली और जरूरतों पर सीधी बात की। गांव में एक नवजात शिशु को गोद में लेकर दुलारना और बच्चों के साथ सहज बातचीत करना चर्चा का विषय बना रहा। जन स्वास्थ्य केंद्र गनियारी का दौरा बुधवार सुबह होटल से चेक-आउट करने के बाद, तेंदुलकर परिवार सीधे गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र (JSS) पहुँचा।

यहाँ उनके दौरे का उद्देश्य और स्पष्ट हुआ: अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और ‘फुलवारी केंद्र’ की कार्यप्रणाली को देखा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ बैठक कर ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को समझा। सूत्रों के अनुसार, यह दौरा एक सामाजिक संस्था के आमंत्रण पर था और भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सहयोग के संकेत दे रहा है।

प्रशासन की ‘खामोश’ मुस्तैदी।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गोपनीयता रही। जिला प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश थे कि सूचना का प्रसार न हो। केवल चुनिंदा उच्चाधिकारियों को ही इस मूवमेंट की जानकारी थी, ताकि न तो भीड़ जुटे और न ही सुरक्षा में कोई चूक हो।